हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो महराजगंज
भिटौली, महराजगंज जनपद की भिटौली पुलिस की मनमानी का मामला उजागर होने के बाद जिले में बवाल मच गया है। आरोप है कि भिटौली थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत परसिया की रहने वाली निशा खातून के पति कमरे आलम को बिना किसी अपराध या ठोस कारण बताए 25 अगस्त से थाने पर बैठाकर रखा गया। न सिर्फ युवक को थाने पर बैठाया गया, बल्कि परिवार को भी उससे मिलने तक नहीं दिया गया।
पीड़िता ने न्यायालय को बताया कि पति का मोबाइल और मोटरसाइकिल भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया, वहीं उसके देवर और चचेरे देवर को थाने बुलाकर पीटा गया। निशा का कहना है कि दरोगा और सिपाही द्वारा उसके पति के साथ दुर्व्यवहार किया गया और घंटों तक थाने पर बिठाकर प्रताड़ित किया गया।
गंभीर आरोपों को सुनने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, महराजगंज ने मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए पुलिस अधीक्षक को जांच कर आख्या प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि यह बताया जाए कि आखिर युवक को किस कारण 25 अगस्त से थाने में बैठाया गया।
साथ ही आदेश दिया गया है कि यदि युवक को अब भी थाने पर बैठाया गया है तो उसे 30 अगस्त की सुबह 10:30 बजे न्यायालय में पेश किया जाए। अदालत ने पुलिस अधीक्षक को 1 सितंबर तक जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश भी दिया है।
इस आदेश के बाद थाना भिटौली पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। क्षेत्रीय लोगों में भी नाराज़गी साफ देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि पुलिस बिना वजह निर्दोष लोगों को थाने में बैठाकर उनकी इज्ज़त और जिंदगी से खिलवाड़ कर रही है।
अब सबकी निगाहें पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह साफ होगा कि क्या सच में पुलिस ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया है या फिर इसके पीछे कोई और वजह है।
